गया में विधायकों के प्रबोधन कार्यक्रम का शुभारंभ, सीएम सम्राट चौधरी बोले- जनता की आवाज को मजबूती से सदन में उठाएं
Orientation program for MLAs inaugurated in Gaya
गया। Orientation program for MLAs inaugurated in Gaya, बिहार इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन एंड रूरल डेवलपमेंट (बिपार्ड) में विधायकों के दो दिवसीय प्रबोधन (ओरिएंटेशन) कार्यक्रम का उद्घाटन उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने किया।
मौके पर अपने संबोधन में सीएम सम्राट चौधरी ने जनप्रतिनिधियों से लोकतंत्र में अपनी भूमिका को गंभीरता से निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि विधायक लाखों लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी जनता की आवाज को प्रभावी ढंग से सरकार तक पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि विधायक लगातार प्रश्न पूछें और सदन के विभिन्न संसदीय उपकरणों का अधिकतम उपयोग करें।
उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल, शून्यकाल, ध्यानाकर्षण, कटौती प्रस्ताव जैसे संसदीय माध्यम केवल औपचारिकताएं नहीं हैं, बल्कि जनता की समस्याओं को सरकार के सामने रखने के सबसे प्रभावी लोकतांत्रिक हथियार हैं।
जनता की आवाज बनें विधायक
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाखों लोग एक साथ विधानसभा में अपनी बात रखने नहीं आ सकते, इसलिए जनता ने अपने प्रतिनिधियों को चुनकर भेजा है।
ऐसे में हर विधायक की जिम्मेदारी है कि वह अपने क्षेत्र की समस्याओं, अपेक्षाओं और सुझावों को सदन में मजबूती से उठाए।
उन्होंने कहा, यदि आप जनता की आवाज सरकार तक पहुंचाएंगे, तभी लोगों का वास्तविक भला होगा। जनता का भरोसा आप पर है, इसलिए उनकी चिंता करना आपका पहला दायित्व है।

(कार्यक्रम में पहुंचे उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन।)
लोकतंत्र में पीछे छूटे लोगों को मुख्यधारा में लाने का लक्ष्य
सम्राट चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकसित बिहार के सपने को साकार करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।
अफसरशाही के सवाल पर सीएम ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था को समयबद्ध बनाया गया है ताकि अधिकारियों की जवाबदेही तय हो और आम लोगों के कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे हों।
विधानसभा में AI पर विशेष सत्र की वकालत
मुख्यमंत्री ने बदलती तकनीक का उल्लेख करते हुए कहा कि अब दुनिया तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ओर बढ़ रही है। ऐसे में बिहार विधानसभा में भी AI पर एक विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि AI के बेहतर उपयोग से प्रशासन में जीरो टॉलरेंस की नीति को और प्रभावी बनाया जा सकता है। इससे भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और प्रक्रियागत गड़बड़ियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
विधानसभा सत्र का पूरा उपयोग करें विधायक
मुख्यमंत्री ने विधायकों से अपील की कि वे विधानसभा के प्रत्येक सत्र का पूरा उपयोग करें और केवल राजनीतिक बहस तक सीमित न रहें, बल्कि जनता को न्याय दिलाने तथा विकास से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दें।
निवेश और औद्योगिक विकास पर सरकार का फोकस
सम्राट चौधरी ने कहा कि निवेश के मामले में बिहार अभी भी पीछे है, लेकिन सरकार उद्योग, निवेश और सुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने बताया कि राज्य के 31 स्थानों पर पीपीपी मॉडल के तहत आधुनिक बस स्टैंड विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले बस स्टैंडों की लगभग 480 दुकानें वर्षों तक अनुपयोगी पड़ी रहीं, लेकिन अब इन्हें आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर विकास विभाग राज्य में एक लाख करोड़ रुपये की लागत से नई टाउनशिप परियोजनाओं पर काम कर रहा है, जिनमें निजी क्षेत्र से लगभग 6.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है।
एक साथ खुलेंगे 213 डिग्री कॉलेज
शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में 213 नए डिग्री कॉलेज खोले जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि संभवतः यह पहला अवसर होगा जब राज्य में एक साथ इतने बड़े स्तर पर डिग्री कॉलेज शुरू किए जाएंगे, जिससे उच्च शिक्षा तक युवाओं की पहुंच और मजबूत होगी।
उपराष्ट्रपति ने किया कार्यक्रम का उद्घाटन
इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने किया। कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, दोनों सदनों के सदस्य तथा मंत्रिपरिषद के सदस्य मौजूद रहे।
आठ सत्रों में मिलेगा संसदीय प्रशिक्षण
बिपार्ड में आयोजित इस दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में कुल आठ तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक सत्र के लिए अलग-अलग विषय निर्धारित किए गए हैं, जिनमें संसदीय कार्यप्रणाली, विधायी प्रक्रिया, प्रश्नकाल, शून्यकाल, ध्यानाकर्षण, सदन की कार्यवाही, जनप्रतिनिधियों की भूमिका, क्षमता विकास और संसदीय शिष्टाचार जैसे विषय शामिल हैं।
लोकतंत्र को मजबूत करेगा प्रशिक्षण: डॉ. प्रेम कुमार
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि यह प्रशिक्षण किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने बताया कि सभी राजनीतिक दलों के विधायकों को इसमें आमंत्रित किया गया है तथा राज्य मंत्रिपरिषद के सदस्य भी इसमें भाग ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से नवनिर्वाचित विधायकों को यह बताया जाएगा कि सदन में किस विषय को किस संसदीय प्रक्रिया के माध्यम से उठाया जाए, ताकि वे अपने दायित्वों का प्रभावी निर्वहन कर सकें।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, कई मार्गों पर डायवर्जन
उपराष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए गया एयरपोर्ट से बिपार्ड तक सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। राज्यपाल पहले गया पहुंचे और एयरपोर्ट पर उपराष्ट्रपति की अगवानी की। मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और विधान परिषद के सभापति भी स्वागत के लिए मौजूद रहे।
कार्यक्रम के मद्देनजर एयरपोर्ट और बिपार्ड को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर दोपहर दो बजे तक यातायात प्रतिबंधित रहा तथा कई मार्गों का डायवर्जन किया गया। यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के कारण शहर के कुछ निजी विद्यालयों ने भी दिनभर की शैक्षणिक गतिविधियों में बदलाव किया।